दिसंबर तिमाही में यस बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 79 प्रतिशत घटकर 55.07 करोड़ रुपये रह गया। बैंक ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उसे फंसे कर्जों के लिए अधिक प्रावधान करना पड़ा जिसका असर उसके लाभ पर पड़ा है।

बता दें कि यस बैंक के शेयर (Yes bank share) भी पिछले कई दिनों से चर्चा में हैं। शुक्रवार को यस बैंक का शेयर 1.99% गिरकर 19.75 रुपये रह गया। कंपनी के शेयर पिछले चार सालों में लगभग 94% तक टूट चुका है। हालांकि, पिछले एक साल में यह शेयर लगभग 47% तक चढ़ा है।

 

क्या है यस बैंक की प्लानिंग?

समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक के अग्रिम आवंटन में 10 प्रतिशत और शुद्ध ब्याज मार्जिन में 0.10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ ही बैंक की मुख्य शुद्ध ब्याज आय 11.7 प्रतिशत बढ़कर 1,971 करोड़ रुपये हो गई। बैंक की गैर-ब्याज आय 55.8 प्रतिशत बढ़कर 1,143 करोड़ रुपये हो गई और कॉरपोरेट बॉन्ड की बिक्री से उसे 100 करोड़ रुपये मिले। यस बैंक का कुल प्रावधान अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 375 करोड़ रुपये से बढ़कर 845 करोड़ रुपये हो गया।

बैंक के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक प्रशांत कुमार ने कहा कि पुरानी खराब संपत्तियों के कारण प्रावधान बढ़ा। कुमार ने कहा कि बैंक ने अब तक 4,300 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वसूल किया है, और चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में अतिरिक्त 1,000 करोड़ रुपये वसूलने की उम्मीद है। इसके साथ ही बैंक ने कहा कि वह 8,400 करोड़ रुपये के एटी-1 बॉन्ड मामले में बंबई उच्च न्यायालय के 2020 के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करेगा। बैंक ने कहा कि उसके पास एटी-1 बॉन्ड लाने के पक्ष में मजबूत कानूनी आधार हैं।

 

₹349 से टूटकर ₹19 पर आ गया शेयर

Yes Bank के शेयर प्राइस हिस्ट्री के मुताबिक, 2 फरवरी 2018 को यस बैंक का शेयर 349 रुपये पर था। अब वर्तमान में यह शेयर 19.75 रुपये पर आ गया है। यानी इसमें लगभग 94% की गिरावट आई है। यानी इस दौरान अगर किसी निवेशक ने यस बैंक के शेयर में 1 लाख रुपये लगाए होते तो उसका निवेश घटकर मात्र 5 हजार रुपये रह जाता। इस साल YTD में यह शेयर 8.78% गिर गया है। पिछले पांच दिनों में यह शेयर 4% गिरा है।

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